तेजस एक्सप्रेस पर राहुल गांधी की राय 😁 - FakeTalks
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तेजस एक्सप्रेस पर राहुल गांधी की राय 😁

आज हम आपको तेजस एक्सप्रेस (लखनऊ जंक्शन – नई दिल्ली) के बारे में बताएंगे। नवरात्रि के उपलक्ष में भारतीय रेल द्वारा आज इसे पहली बार जनता के इस्तेमाल के लिए चलाया गया। इसके ट्रेन नंबर 82501 और 82502 है और इसे लखनऊ जंक्शन से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के बीच चलाया जाएगा। इसका सफर 512 किलोमीटर का है, जिसे यह ट्रेन 6 घंटे 15 मिनट में तय करेगी। यह ट्रेन हफ्ते के 6 दिन चलाई जाएगी। पूरी यात्रा में सिर्फ पांच स्टेशन पर ही रुकेगी। इस ट्रेन में 12 एसी चेयर कार डब्बे हैं, हर एक डब्बे में 78 यात्रियों(3+2) के बैठने की सुविधा है। ट्रेन के एग्जीक्यूटिव क्लास कोच में 56 यात्रियों (2+2) के बैठने की क्षमता और व्यवस्था है।

इस ट्रेन में पूरी तरह स्वचालित दरवाजे हैं, सेंसर आधारित पानी के नल, आग और धुआं यानी फायर एंड स्मोक डिटेक्शन एंड सिपरेशन सिस्टम है, सीसीटीवी कैमरे, और हाथ सुखराने के लिए हैंड ड्राइयर्स है। इसमें पैंट्री कार का डिब्बा तो नहीं है मगर आपके खान-पान की पूरी सुविधा, और चाय कॉफी के लिए वेंडिंग मशीन उपलब्ध है। आप की जगह पर खाना देने का कोई अलग से पैसा नहीं है, वह आपकी ट्रेन टिकट में ही शामिल है। आने वाली स्टेशन की जानकारी के लिए हर यात्री के सामने एल ई डी डिस्प्ले, एक फोन सॉकेट है, वाई-फाई, ट्रेन में अनाउंसमेंट सिस्टम है, पड़ने के लिए मैगजींस उपलब्ध है। इस इस ट्रेन में बायो टॉयलेट है। जो लोग देख नहीं सकते उनके लिए शौचालय में ब्रेल लिपि में अंकित बटन हैं।

फिलहाल इसकी गति सीमा 83 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार है। मगर यह भी भारत की अन्य सुपरफास्ट एक्सप्रेस जैसे राजधानी एक्सप्रेस, गतिमान एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस, वंदे भारत एक्सप्रेस, और दुरंतो एक्सप्रेस की तरह भारतीय रेल के प्राथमिकता वाले मार्ग पर चलेगी।

हमने तमाम नेताओं की राय लेने की कोशिश की। राहुल गांधी जी बैंकॉक जाने की वजह से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं कर पाए। मगर फोन पर हुई छोटी सी बात में उन्होंने कहा कि वह इस नए निर्णय से खुश हैं मगर उन्हें ट्रेन का पीला रंग पसंद नहीं आया। वहीं दिल्ली के मालिक श्री केजरीवाल जी ने कहा है 83 किलोमीटर प्रति घंटा तो मैं अपनी मारुति ही भगा लेता था, इसमें मोदी सरकार ने कुछ खास नहीं किया है। दिल्ली के अल्पसंख्यक लोगों को आरक्षण ना मिलने के कारण उन्होंने इस ट्रेन की आलोचना की है। ट्रेन के रंग पर टिप्पणी करते हुए दिग्विजय जी ने कहा कि यह रंग भगवा रंग से बहुत मिलता है इसलिए यह भगवा आतंक है। वहीं कुमारी ममता बनर्जी ने कहा है कि एक ट्रेन बंगाल से भी चलनी चाहिए। पीला रंग देकर मोदी ने उन्हें अल्टो कार की याद दिला दी। मायावती जी ने इस ट्रेन को दलितों के खिलाफ एक षड्यंत्र बताया है। गहलोत जी ने टिप्पणी देने से इंकार कर दिया उनका कहना था यह मेरे क्षेत्र से बाहर की घटना है। कमला हसन जी ने हमारे ऑफिस में आकर अपना विरोध जाहिर करते हुए बोला कि यह हिंदी ट्रेन हम पर थोपी जा रही है हम इसका बहिष्कार करेंगे।

इस मिली-जुली प्रतिक्रिया के बीच में एक सबसे खुश प्रतिक्रिया हमें शशि थरूर जी से प्राप्त हुई, उनका बस एक ही सुझाव है कि लड़कियां थोड़ी और ज़्यादा सुंदर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की उभरती कला को और प्रोत्साहित करना चाहिए।

हम उम्मीद करते हैं यह जानकारी आपके लिए उपयोगी और महत्वपूर्ण होगी। आपके तेजस में सफर के लिए हम हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं। अपने सफर की प्रतिक्रियाएं हमसे जरूर साझा करें।

नमस्कार।

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