आधुनिक तकनीक और गैजेट बना दुश्मन, किया जीना हराम। - FakeTalks
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आधुनिक तकनीक और गैजेट बना दुश्मन, किया जीना हराम।

बैंगलोर – सुबह-सुबह के भीनी मिठास वाले मौसम में, जोगिंग खत्म कर के। आईटी कंपनी में काम करने वाले एक सीनियर प्रोग्रामर मौहमेश, कॉफी पीने के लिए सामने वाली कैफे कॉफी डे की दुकान में गए।

दुकान में एक कप कॉफी और दो चोको चिप कुकीज का ऑर्डर दे कर, मौहमेश अपने मोबाइल में व्यस्त हो गए। अपने व्हाट्सएप पर कुछ फोटो देखी, कुछ चुटकुले पड़े, कुछ वीडियो देखे, फिर उनमें से कुछ को… आगे अपने दोस्तों को भेजा। तभी सीसीडी वाला लड़का उनकी कौफी ले आया।

हमारे सूत्रों के अनुसार एक हाथ में फेसबुक ऐैप खोल कर दूसरे हाथ से कॉफी का कप उठाया, और मन को शांत कर देने वाली कॉफी की चुस्की भरी। मगर आज की कॉफी तो कुछ ज्यादा ही कड़वी थी, कॉफी का कप नीचे रखकर उन्होंने अपने चोको चिप कुकी उठाने के लिए हाथ बढ़ाया….. तो देखा की चोको चिप कुकी तो दिया ही नहीं।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया सुबह-सुबह अपने साथ हुए इस घिनौने मज़ाक को, चाह कर भी मौहमेश ठंडे दिमाग से सहन नहीं कर पाए। सीसीडी वाले लड़के को बुलाया, और चला कर बोले  “यह क्या बकवास कड़वी कॉफी है, और मैंने जो चोको चिप कुकी बोले थे वह कहां है?” उस 18 – 20 साल के नौजवान लड़के ने शांत स्वर में बोला। सर आपका ऑर्डर देने के बाद… आपके हाथ पर बंधी आपकी स्मार्ट वॉच ने हमें फोन करके बता दिया था कि आपका शुगर लेवल अभी भी हाई है, तो कौफी में चीनी कम रखें और चौको चीप कुकी तो बिल्कुल नहीं दें।

अब आप ही देखिए सर, अगर हम अपने महत्वपूर्ण और पढ़े लिखे ग्राहकों की सेहत का ख्याल नहीं रखेंगे…. तो यह हमारे काम के साथ बहुत बड़ी लापरवाही होगी ना? उस लड़के की समझ सच में प्रशंसा लायक है। लड़के ने बताया कि उसी समय उनकी बीवी का फोन आया। जब हमने इस बारे में पूछा तो मौहमेश ने घटना का विवरण बताया ।

मौहमेश ने बताया कि हैरान और डर की एक मिली-जुली आवाज में मैंने कहा “हेलो”। तो दूसरी तरफ से बीवी ने चिल्लाकर बोला “इस उम्र में भी जबान के स्वाद पर काबू नहीं हो रहा? हमारी खातिर कम से कम, सुबह-सुबह चोको चिप कुकीज मत खाओ।” मैंने पूछा कि “तुम्हें यह ग़लत बात किस ने बोल दी?” तो बीवी ने बताया कि “तुम्हारी स्मार्ट वॉच ने घर पर फोन कर के बताया है कि तुमको चोको चिप कुकीज ना देने के कारण… तुम सीसीडी वाले लड़के पर चला रहे हो।” चुपचाप अपनी कॉफी खत्म करके, मैंने बिल के पैसे और अपनी स्मार्ट वॉच उतारकर उस लड़के को दे कर…. अपने घर चला गया।

हम आपको बताना चाहेंगे कि अभी जिस मनोचिकित्सक के क्लीनिक में मौहमेश हैं, उस डॉक्टर ने हमारे संवाददाता को बताया कि घर पहुंच कर अपनी खाली कलाई को देखते हुए मन ही मरीज़ कह रहा था “कि चलो जो हुआ अच्छे के लिए ही हुआ”, मगर अपने कमरे में देखा कि स्मार्ट वॉच तो टेबल पर पड़ी है।
डॉक्टर साहब ने बीवी से बात करने पर जाना कि “स्मार्ट वॉच ने घर पर फोन करके बीवी को बता दिया कि मौहमेश यह घड़ी उस लड़के को दे आया” तब बीवी के कहने पर वह लड़का 10 मिनट में घर आ कर घड़ी वापस दे गया था। मनोचिकित्सक के अनुसार अब मौहमेश की हालत मैं सुधार है, हमें उम्मीद है कि मौहमेश बहुत जल्द ही अपनी नौकरी पर फिर से जाना शुरु कर देंगे।

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