मोदी की चाल में फंसे शी जिनपिंग - FakeTalks
Media News 📽

मोदी की चाल में फंसे शी जिनपिंग

नमस्कार दोस्तों,

जैसा कि आप सब लोग जानते ही हैं कि चाइना के प्रधानमंत्री कल और परसों यानी 2 दिन की यात्रा के लिए भारत आ रहे हैं, उनकी मुलाकात भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होगी। यह 2 दिन की बैठक तमिलनाडु के एक तटीय इलाके मल्लापुरम में होगी। सभी को उम्मीद है कि भारत और चीन के बीच में आपसी संबंध को सुधारने की कोशिश की जाएगी।


वही पर हमारे सूत्रों के अनुसार देश की विरोधी पार्टियां अटकलें लगाने में जुट गई है। कुछ का मानना है कि नरेंद्र मोदी अपनी बातों से शी जिनपिंग को पाकिस्तान का साथ छोड़कर भारत का साथ देने कि मनाएंगे। मगर कुछ लोगों का कहना है कि शी जिनपिंग भारत से सिर्फ अपने व्यापार सुधारने के लिए आ रहे हैं।


दोनों ही बातें अपनी अपनी जगह ठीक लगती है। मगर इन्हीं बातों के बीच एक चौंका देने वाली बात भी सामने आई है, दिल्ली में हमारे संवाददाता ने बताया की विरोधी पार्टियां प्रश्न उठा रही है कि नरेंद्र मोदी ने यह मुलाकात नई दिल्ली या गुजरात में ना रखकर तमिलनाडु के तटीय इलाके में क्यों रखी है?


कुछ लोगों का मानना है कि नरेंद्र मोदी चाइना के प्रधानमंत्री शी जिनपिंग को पाकिस्तान का साथ देने के लिए दोषी मानते हैं। सबक सिखाने के लिए इस कार्यक्रम को एक तटीय इलाके में आयोजित किया गया है, ताकि स्वागत के रूप में उन्हें रेत वाले हरे नारियल, और खाने में इडली के साथ बाल्टी भर के सांबर दिया जाएगा।


सूत्रों का यह भी कहना है की जिंगपिन एक बूढ़े नेता है, इसलिए उनको मोबाइल नेटवर्क से भी दूर रखा जाएगा… ढलती उम्र में सेल्फी लेकर वह करेंगे भी क्या। हमारी खोजबीन के अनुसार मल्लापुरम में कम से कम 10 से 15 स्वादिष्ट व्यंजन है, 3 स्टार से लेकर 5 स्टार के होटलों की भी कोई कमी नहीं है। मगर सबको यह यकीन है कि नरेंद्र मोदी चाइना के प्रधानमंत्री शी जिनपिंग को जरूर किसी ढाबे पर ईढलिआं खिलाएंगे।


यह तो आप लोग भी सोच सकते हैं कि… जो इंसान कीड़े, मकोड़े, कुत्ते, बिल्ली, छिपकली, सांप खाते हो…. उस इंसान को दिन के 3 समय इढली-सांभर खिलाया जाएगा, तो वह इंसान तो वैसे ही आधा मर जाएगा। वहीं कुछ लोगों का यह भी कहना है कि तमिलनाडु के लोग जब जिनपिंग को गाली देंगे, तो उसको कुछ समझ नहीं आएगा। वहीं कुछ लोगों का यह भी मानना है कि अगर शी जिनपिंग ने नरेंद्र मोदी की बात नहीं मानी तो शायद उन्हें फ्लाइट की बजाए एक नांव में डालकर वापस चाइना भेज दिया जाएगा।


वहीं कांग्रेस अध्यक्ष यह निर्णय नहीं ले पा रहे कि विरोध करने के लिए काले झंडों का प्रयोग करना है यां लोगों का रंग देख कर ही समझ आ जाएगा? दिल्ली के मुख्यमंत्री ने भी अपना समर्थन देते हुए कहा है कि अगर लोग कम पड़े तो बताना हमारे पास बहुत से खाली पड़े हैं।


मगर यह सब तो बातें हैं आइए कल देखते हैं कि क्या होगा और यह दोनों देश किस तरफ जाएंगे।
नमस्कार ‌

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close